लेख

१९४६ भारत का बजट और लियाकत आलि खान

17 जुल॰ 2014, 10:16 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 17 जुल॰ 2014, 10:20 am अपडेट किया गया ]

१९४६ २ फरवरी को भारत का आम बजट पेश किया था लियाकत आलि खान जो कि  बाद मे पाकिस्तान के प्रधान्मन्त्री बना। विवेक शुक्ला इस लेख से लिजिये जानकारी। यह लेख हमारे एडिटर द्वारा चुने गयॆ है और पुनः प्रकाश किया जा रहा है।
फटो काँपि
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एंटनी किस देश की रक्षा मन्त्री है ?

6 अग॰ 2013, 8:54 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 6 अग॰ 2013, 8:58 am अपडेट किया गया ]

Antony
जम्मू कश्मीर के पुंछ में एलओसी पर पाकिस्तानी सैनिकों के हमले में भारतीय सेना के 5 सैनिकों के शहीद होने की घटना को लेकर रक्षा मंत्री एंटनी ने जो बयान दिया उससे देश की लोग शायद सोचनेमे मजबुर हो रहें हैं की एंटनी किस देश की रक्षा मन्त्री है ?

खबर के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में दिए गए बयान में रक्षा मंत्री एंटनी ने घटना का विवरण देते हुए कहा कि 'हमलावर आतंकवादी पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर आए थे।' उनकी इसी बात पर विपक्ष ने कड़ा एतराज जाहिर करते हुए कहा कि यह खतरनाक बयान है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, देश के रक्षा मंत्री का यह कहना कि हमलावर पाकिस्तानी सेना की वर्दी में आए थे, पाकिस्तान को बचने का बहाना दे देगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। अब अगर भारत का रक्षा मंत्री भी यही कहे कि हमलावर पाकिस्तानी सेना के लोग नहीं, बल्कि सेना की वर्दी में आए आतंकवादी थे तो उससे पाकिस्तानी सरकार की बात की पुष्टि होती है।

ऐसा लगता है हमारे देश को खतरा बाहर के दुश्मनो से नही है बल्कि अंदर के दुश्मनो ( राजनेताओं) से है जिन्हे यह ही नही पता होता कब क्या बोलना है, कब क्या करना है।

राजनैतिक बट्वारे की ट्रेडिशन आज भी चल रही है

31 जुल॰ 2013, 5:25 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 31 जुल॰ 2013, 9:03 am अपडेट किया गया ]

बट्वारा करना कांग्रेसी राजनीति की एक पुराना राजनैतिक चाल है। एही कांग्रेसीयों ने हिन्दुस्तान ओर पाकिस्तान बट्वारा से अपना बट्वारे की राजनीत की सुरुयात करके आज तेलेंगाना बट्ने तक पहूच चुके है।
भारत की इतिहास कह्ती है इस बट्वारे की राजनीत की कल्पना करनेवाले लार्ड माउन्ट्बेट्न एबं  हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की जन्मदाता नेहरु और जिन्नाह ही थे।
भारत छोरने के पहले आंरेजो ने हमारे देश को सर्बाङीन कमजोर और भेद डालने के लिए यह चाल चाले थे।
नेह्ररु जिन्नाह और उनके प्रधाण मन्त्री बनने का उच्चाशा एस चाल के एक अहम हिस्सा थे। गान्धी जी पटेल इत्यादि इस चाल के बिरोध मे थे किन्तु कुछ कर नेही पाये।
और उस बट्वारे की बुरा नतीजा दोनो हिस्सों के लोग आजतक भूगत रहें है। आसल मे बट्वारे की राजनीत कांग्रेसीयो को आंग्रेजो से ही बिरासत मे मिला है।
जब कांग्रेसीओ के पैर की निचे जमिन खिसक ने लगते है तभी यह कांग्रेसी यह चाल चालते है। आगामी लोकसभा चुनाओ को नजर मे रखते हुए इन्होने तेलेंगाना की जन्म देने जा रहें है।   क्रमश..       

शुद्धीकरण ही कांग्रेस सरकार को जनरोष से बचा सकता है।

12 अक्तू॰ 2012, 7:53 am द्वारा news reporter प्रेषित

कांग्रेस सरकार की पर्बत से भी ऊंचा परिमान भ्रष्टाचार आज देश की जनता को उनकी महा बिरोध करने के लिए मजबुर कर दिय़ा है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार की खबर जनता को एक चरम अर्थनैतिक असहाय़पन के तरफ़ ले जा रहा था। उस पल अन्ना हाजारे की भ्रष्टाचार के खिलाफ़ संग्राम करने की आवाज जनता को राहत की सांस दिलवाय़ा।

और जनता अन्ना की नेतृत्व मे अपने अन्दर की रोष को कांग्रेस के उपर बरसाय़ा। ईतना ही नही जब कांग्रेस के कुछ कपिल सिबल जैसा नासमझ नेता अन्ना को रोकनेके लिए जनबिरोधी बय़ानबाजी शुरु किय़ा जो कि जनता की रोष को बहुत गुणा बढ़ा दिय़ा और जनता भड़क उठा एबम देश के कोने कोने मे जनता कांग्रेस की खिलाफ़त करने के लिए उतार गए। आज अन्ना की आन्दोलन देश ओर बिदेश से भारी समर्थन मिल रहा है जिसका मतलब है कांग्रेस की पैर के नीचॆ की जमिन खिसकना। अभी अगर चुनाव हो तो जनता कांग्रेस को सत्ता से ह्ठा के ही छोड़ेंगे।

अतः आज जनरोष से कांग्रेस की बच निकालने की एक ही तरीका है दल की अंदर शुद्धीकरण करना। मुझे नही लगता है की मन्मोहन सिंह से जनता बहुत नाराज है।अगर कांग्रेस सत्ता को बचाना चाहता है तो कांग्रेस मे जो सब भ्रष्टाचारी नेता मन्त्री है उनको अभी कांग्रेस से निकाल के बाहर फ़ेकना चाहिये। जो जो नेता मन्त्री, यथा कपिल सिबाल,दिग्विजय सिंह, पि चिदाम्बरम्, प्रनब मुखार्जी,मनीष तिवारी,अम्बिका सोनी ईत्यादी अन्ना तथा जनताके खिलाफ़ बय़ानबाजी करके भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की कोशिश किय़ा उन सब नेताओ को जनता से औपचारिक रुप से क्षमा मांगनी चाहिये, नही तो कांग्रेस के सामने घोर बुरे दिन आ हि रहा है।

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