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राजनैतिक बट्वारे की ट्रेडिशन आज भी चल रही है

31 जुल॰ 2013, 5:25 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 31 जुल॰ 2013, 9:03 am अपडेट किया गया ]
बट्वारा करना कांग्रेसी राजनीति की एक पुराना राजनैतिक चाल है। एही कांग्रेसीयों ने हिन्दुस्तान ओर पाकिस्तान बट्वारा से अपना बट्वारे की राजनीत की सुरुयात करके आज तेलेंगाना बट्ने तक पहूच चुके है।
भारत की इतिहास कह्ती है इस बट्वारे की राजनीत की कल्पना करनेवाले लार्ड माउन्ट्बेट्न एबं  हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की जन्मदाता नेहरु और जिन्नाह ही थे।
भारत छोरने के पहले आंरेजो ने हमारे देश को सर्बाङीन कमजोर और भेद डालने के लिए यह चाल चाले थे।
नेह्ररु जिन्नाह और उनके प्रधाण मन्त्री बनने का उच्चाशा एस चाल के एक अहम हिस्सा थे। गान्धी जी पटेल इत्यादि इस चाल के बिरोध मे थे किन्तु कुछ कर नेही पाये।
और उस बट्वारे की बुरा नतीजा दोनो हिस्सों के लोग आजतक भूगत रहें है। आसल मे बट्वारे की राजनीत कांग्रेसीयो को आंग्रेजो से ही बिरासत मे मिला है।
जब कांग्रेसीओ के पैर की निचे जमिन खिसक ने लगते है तभी यह कांग्रेसी यह चाल चालते है। आगामी लोकसभा चुनाओ को नजर मे रखते हुए इन्होने तेलेंगाना की जन्म देने जा रहें है।   क्रमश..       
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