देश

देश


रेलमंत्री ने दिए ट्रेन किराया कम करने के संकेत

14 दिस॰ 2017, 7:25 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 14 दिस॰ 2017, 7:28 am अपडेट किया गया ]

Train
नई दिल्ली। रेल से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में ट्रेन टिकटों के दाम घट सकते हैं। रेलमंत्री ने किराया कम करने की ओर संकेत दिए हैं। राजधानी, शताब्दी और दुरंतों में सफर के लिए आपको ऑफ सीजन में कम पैसे देने पड़ सकते हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात के संकेत दिए कि ऑफ सीजन के दौरान जब की ट्रेन पूरी तरह से बुक नहीं होती है या ऑफ सीजन होता है उस वक्त इन ट्रेनों के टिकटों के दाम किए जा सकते हैं।

इंटरव्यू के दौरान रेलमंत्री ने कहा कि ऑफ-सीजन में जब ट्रेन पूरी तरह भरी नहीं रहती है तो टिकटों के दाम कम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे एक फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम की जगह डायनेमिक फेयर सिस्टम रख सकते हैं। जैसे डिमांड के वक्त किराया बढ़ जाता है उसी तरह मांग कम रहने पर किराए में रियायत दी जाएगी।

आपको बता दें कि पिछले साल ही रेलवे ने फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम लागू किया। इस सिस्टम के तहत ट्रेन की शुरुआती 10 प्रतिशत सीटें भरने के बाद अगली 10 प्रतिशत सीटों के लिए टिकटों के दाम बढ़ा दिए जाते हैं। फिर इन सीटों के भरने पर किराया और बढ़ा दिया जाता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रेलवे के इस फ्लेक्सी फेयर सिस्टम से सितंबर 2016 से अगस्त 2017 के बीच 540 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की।
रेलवे के फ्लैक्सी सिस्टम भले ही रेलवे के लिए कमाई का जरिया हो, लेकिन इससे यात्रियों में नाराजगी है। कई बार उन्हें ट्रेन में सफर के फ्लाइट के बराबर या फिर उससे ज्यादा किराया चुकाना पड़ता है। जिसे लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। रेलमंत्री लोगों की इसी नाराजगी को अब शांत करना चाहते हैं। रेल मंत्री ने इसलिए डायनेमिक प्राइसिंग की बात कही है।

सोर्स : ओय़ान इन्डिय़ा

राज ही रहेगी नेताजी की गुमशुदगी!

3 मार्च 2015, 9:03 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 3 मार्च 2015, 9:07 am अपडेट किया गया ]

Netaji
नई दिल्ली। मिडिया खबर के अनुसार नेता जी सुभाष चंद्र बोस की गुमशुदगी अब हमेशा राज ही रहेगी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी जानकारी से प्रधानमंत्री भी पर्दा नहीं उठा सकते हैं। ऐसा नेता जी सुभाष चंद्र बोस को लेकर डाली गई आरटीआई के जवाब में पीएमओ ने सफाई देते हुए कहा है।

 एक आरटीआई के तहत पीएमओ द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित गुप्त फाइलों को सार्वजनिक करने का अधिकार पीएम को नहीं है। पीएमओ की ओर से कहा गया है कि कार्यालयी प्रक्रिया में किसी गुप्त फाइल को सार्वजनिक करने का विवेकाधिकार प्रधानमंत्री के पास होने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।

तिरुवनंतपुरम के आइटी पेशेवर श्रीजीत पाणिकर ने प्रधानमंत्री कार्यालय से आरटीआइ के तहत जानकारी मांगी थी कि नेताजी की गुप्त फाइलों को सामने लाने की बाबत पीएम की ओर से क्या कोशिश हो रही है? इसके जवाब में कहा गया कि इन फाइलों को सार्वजनिक करने का अधिकार प्रधानमंत्री के पास निहित नहीं है। मिशन नेताजी ग्रुप के सदस्य पाणिकर ने बोस से संबंधित फाइलों की वास्तविक संख्या बताने का भी अनुरोध किया था।यह गौरतलब है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में मुखर्जी आयोग ने उनके हवाई जहाज दुर्घटना में मारे जाने की बात से भी इंकार किया था।

Source : नेताजी की गुमशुदगी रहेगी राज, PM भी नहीं उठा सकते पर्दा! @ आईबीएन-7

स्कूलों से गायब कई शिक्षक बर्खास्त

24 जन॰ 2015, 2:00 am द्वारा chittasen biswas प्रेषित   [ 24 जन॰ 2015, 2:03 am अपडेट किया गया ]

samachar
संवाद केन्द्र उत्तराखंड। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग ने लंबे समय से नदारत शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कुमाऊं मंडल में अर्से से गैरहाजिर छह प्राथमिक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही तीन अन्य को बर्खास्तगी का नोटिस भी जारी किया गया है। इसके अलावा अनुपस्थित शिक्षकों पर निलंबन व वेतन रोकने की कार्रवाई भी की गई है।

दरअसल, लंबे समय से गैरहाजिर शिक्षकों के कारण न केवल पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है, बल्कि नई नियुक्तियों में भी पेच फंस रहा है। शिक्षा महानिदेशक ने 31 दिसंबर तक गैरहाजिर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा मांगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो अल्मोड़ा के दो, बागेश्वर का एक, नैनीताल के 12, ऊधमसिंह नगर के पांच, पिथौरागढ़ के सात बेसिक शिक्षक अर्से से ड्यूटी ने नदारद हैं।

प्राथमिक विद्यालय सुरौली पिथौरागढ़ की सुनीता रावल, प्रावि मलान की अल्का बम, फतोड़ी डीडीहाट के कीर्ति भट्ट, बाटला के देवेंद्र सामंत, अल्मोड़ा के प्रावि नागक्वैराली की प्रमिला जोशी व प्रावि गुलदेख के जगदीश राम की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त नैनीताल की सबीना तनवीर, पीपलचैड़ कोटाबाग की भावना जोशी, कल्याजाला की हेमलता सुयाल को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। लालकुआं की अर्चना सक्सेना को निलंबित किया गया है और सानीखेत पिथौरागढ़ की रमा पंत का वेतन रोका गया है। जिला व ब्लॉक स्तर से भी गैरहाजिर शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं।


स्टालिन ने की थी नेताजी की हत्या : स्वामी

10 जन॰ 2015, 7:49 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 10 जन॰ 2015, 8:03 am अपडेट किया गया ]

swami
कोलकाता। मिडिया खबर के मुताविक भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शनिवार को दावा किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत 1945 में हुए विमान दुर्घटना में नहीं हुई थी, बल्कि सोवियत संघ के नेता जोसेफ स्टालिन के इशारे पर उनकी हत्या की गई थी। उन्होंने नेताजी से संबंधित गुप्त दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

राष्ट्रवादी नेता और स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के पीछे के रहस्यों को उजागर करने के लिए उनसे संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए स्वामी ने स्टालिन पर नेताजी को साइबेरिया में कैद कर उनकी हत्या करने का आरोप लगाया।
और भी पढे

आईना दिखाया जीएट्स रिपोर्ट

27 दिस॰ 2014, 8:37 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 27 दिस॰ 2014, 8:39 am अपडेट किया गया ]

ग्लोबल अडल्ट टोबेको सर्वे (जीएट्स) रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ की तो 15 साल से कम आयु वर्ग वाले 28.8 फीसदी किशोर, 15-17 आयु वर्ग वाले 25.2 फीसदी, 18-19 आयु वर्ग वाले 14.9 फीसदी और 20-34 आयु वर्ग वाले 31.9 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।

जबकि भारत के परिप्रेक्ष्य में 15 से अधिक आयुवर्ग वाले 35 फीसदी युवा किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, जिनमें 21 फीसदी धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन करते हैं तो 9 फीसदी धूम्रपान। 12 फीसदी खैनी, जर्दा चूना के साथ इस्तेमाल करते हैं। धूम्रपान युक्त उत्पादों में 9 फीसदी बीड़ी, 6 फीसदी सिगरेट और 1 फीसदी हुक्का का सेवन करते हैं।

शंकराचार्य क्या कहीन

24 जून 2014, 8:41 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 24 जून 2014, 8:43 am अपडेट किया गया ]

image
खबर है शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं भक्तों पर फिर से हमला बोला है और कहा कि साईं भक्तों को गंगा में स्नान नहीं करना चाहिए और शादी की रस्म करना भी छोड़ दें। साथी ही शंकाराचार्य ने कहा कि साईं भक्तों को राम का नाम नहीं लेना चाहिए।

इससे पहले सोमवार को शंकराचार्य ने कहा था कि साईं पूजा हिंदू धर्म के खिलाफ है। एक टीवी चैनल पर शंकराचार्य ने कहा कि साईं भक्तों को भगवान राम की पूजा, गंगा में स्नान और हर-हर महादेव का जाप नहीं करना चाहिए।

खबर है शंकराचार्य के खिलाफ शिरडी में धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज हुआ है। हालांकि इसके बावजूद भी वे साईं पूजा के विरोध में दिए बयान पर अड़े रहे। इसको लेकर मंगलवार को शंकराचार्य के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए।

 शंकराचार्य के आलोचक वर्ग कहतें है जब कोई धर्म समाज को जोड़ने के बज़ाय तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ता या कार्य करता हुआ दिखलाई पड़ता है तो यह दिशाहीन धर्म पथभ्रष्ट कहलाता है। शंकराचार्य जैसे महत्वपूर्ण और गरिमामय पदपर आसीन व्यक्ति जब अनावश्यक रूप से इस तरह के बेतुके बयानों से जुड़ता है तो, वह अपने धर्म या समाज का भला करने के बजाय केवल उपहास और तिरस्कार का पात्र बनकर रह जाता है। राजनीतिक पार्टियाँ केवल अपने संकीर्ण स्वार्थों की पूर्ति के लिये प्रत्येक धर्माचार्यों का अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल करती रहती हैं, इससे ज्यादा इनकी भूमिका , महत्व या उपयोगिता उनकी दृष्टि में कभी नही रहती थी और न होगी। कभी भारतीय राजनीति में ब्रह्मचारी जी, चंद्रास्वामी, शाही इमाम का भी वर्चस्व रहा, रामदेव जी को भी प्रोटोकाल की अवहेलना कर कॉंग्रेस का मंत्रिमण्डल समूह एयरपोर्ट पर रिसीव करने गया था, किन्तु परिणाम किसी के लिये भी अंततः सुखद नही रहा. इनको एक उपेक्षित और तिरस्कृत अपमानजनक जीवन ही तो मिला।
फ्टो: नवभारत टाइम्स

भारत की जनता जनार्दण किंऊ पड़ेशान है?

22 मार्च 2014, 3:41 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 22 मार्च 2014, 3:43 am अपडेट किया गया ]

जनता
भारत की जनता जनार्दण शायद अपनि समस्याओं से बेहद पड़ेशान है और वह पड़ेशानीओ की जड़ है देश की बर्तमान अधोपातित और भ्रष्ट अर्थ-राजनीति्क-सामाजिक ब्यबस्था।

कुछ बर्षों मे कई ऐसे कारण बने जिनकी बजह से जनता समस्याओं के भंबर मे फंस गई। बीते पांच सालो मे दुनिय़ा की उभारती हुई अर्थब्यबस्था के मुकाबले भारत की महंगाई मे सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया। कहीं देशमे राजनीतिक भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है।
सामाजिक न्याय जरूरतमंदो के लिए दुर की कौड़ी बन चुका है तो देश मे तेजी से बढ़ रहे युबाओ के लिए काँलेजों की कमी और गुणबत्तापूर्ण शिक्षा की समस्या लगातार बढ़ती हि जा रही है।

बाहरी ताकतों और आतंकी हमलों से निपटने के मोर्चे पर भी सरकार  असहाय ही नजर आ रही है। दुर्भाग्य तो यह है की धर्मनिरपेक्षता नेताओ के लिये महज वोट हथियाने का जरिया बनता जा रहा है।

वोट हथियाने का गन्दी राजनीत और सत्ता की लालच मे जात-पात के नाम से  देश को छोटे छोटे टुकड़ो मे वंटा जा रहा है। लोकसभा चुनाव से ठिक पहले समाज को कचोटने वाले ऎसे ही कुछ मुद्दो पर भारतीय जनता जनार्दण सायद पड़ेशान है।

बंगाल मे बढ़ती दुष्कर्म के उपर टिप्पनी से देश भर मे ममता कि तीब्र आलोचना

16 अक्तू॰ 2012, 2:00 am द्वारा chittasen biswas प्रेषित

mamta
ट्विटर: ममता खाप की ब्रांड एंबेसडर
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए जो टिप्पणी की गई थी, उस पर सोशल नेटवर्किग साइट ंिट्वटर पर लोगों ने ममता को खाप पंचायत का ब्रांड एंबेसडर करार दे दिया है।

सोशल नेटवर्किग साइट गुगुल+ मे भी दिदि की आलोचना लोगोंने जमके किया है। इस साइट मे Firstpost ने "After the Haryana ministers and Khap panchayats, West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee has come up with her bizarre reasoning for the increasing number of rape cases in the country" से आलोचना किया है।

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को अभी इस्तीफा दे देना चाहिए

14 अक्तू॰ 2012, 8:47 am द्वारा news reporter प्रेषित

Kejriwal
IBNkhabar के मुताबिक निम्नलिखित खबर भारत की जनता के लिये गहरी चिन्ता के कारण बन चुकें है। खबर: "जांच नहीं...,जांच की ऐसी तैसी कर रहे हैं अखिलेश: केजरीवाल
नइ दिल्ली। देश के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद पर हमला करते हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कानून मंत्री ने फोटो दिखाकर देश को गुमराह किया है। जिस अधिकारी की वो चिट्ठी संवाददाता सम्मेलन में प्रस्तुत किए वो तो पहले ही रिटायर हो गए थे। अरविंद ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच तो पहले ही हो गई है। अब अखिलेश जांच नहीं करा रहे हैं, जांच की ऐसे तैसी कर रहे हैं।

अरविंद ने कहा कि 23 मार्च 2011 की अधिकारी रामराज्य सिंह यादव की चिट्ठी प्रस्तुत की गई है। वो तो दो महीने पहले रिटायर हो गए थे। इस पर खुर्शीद के जवाब पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि फिर चिट्ठी कहां से आई, खुर्शीद को पता नहीं है। कहते हैं जांच करा लो।
सीडीओ जेबी सिंह का हलफनामा सलमान खुर्शीद की पत्नी ने प्रस्तुत किए, जबकि अधिकारी ने कहा था कि वो हलफनामा फर्जी है। अरविंद ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच तो पहले ही हो गई है। अब अखिलेश जांच नहीं करा रहे हैं, जांच की ऐसे तैसी कर रहे हैं। जांच तो हो चुकी है। दुबारा जांच की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले में लीपापोती की जा रही है।

अरविंद ने आरोपों के आधार पर कहा कि खुर्शीद ने अधिकतर कैंप नहीं लगाए और विकलांगों का सामान खा गए। अरविंद ने कहा कि खुर्शीद ने जो फोटो दिखाए हैं उसपर कैंप की तारीख 17 जुलाई 2010 की तारीख है। ये फोटो साल 10-11 कैंप की है। साल 9-10 की नहीं है। वो सारे देश को गुमराह कर रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद की तरफ से एक व्यक्ति को प्रस्तुत किया। उसका नाम रंगी मिस्त्री है। उसको आज तक के चैनल पर दिखाया गया था। उसने कहा कि दो साल पहले सुनने की मशीन मिली थी। वो रंगी मिस्त्री की काट में कल एक सबूत पेश करने जा रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि सलमान खुर्शीद कह रहे हैं कि जांच करवा लो। जब तक कानून मंत्री है सारे सबूतों को नष्ट कर देंगे। उनको इस्तीफा देना पड़ेगा। तभी जांच होंगी। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उनको इस मामले में बयान देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी को और सोनिया गांधी को इस मुद्दे पर क्या कहना है? केजरीवाल ने कहा कि 2014 में सलमान खुर्शीद के सामने एक विकलांग व्यक्ति खड़ा होगा और खुर्शीद को हराकर दिखाएगा। "

अभी सवाल उठ्ता है अगर  देश के कानून मंत्री ही कानून के भक्षक बन गये है तो भारत की कानूनी प्रक्रिया और गणतान्त्रिक ढांचा के उपर गम्भीर धाब्बा लग सकते है।

ऐसी अवस्था मे निष्पक्ष जांच होने तक प्रधाण मन्त्री खुर्शीद जी को सामयिक तौर पे इस्तीफा देने के लिए बोल सकते है। जो कि प्रधाण मन्त्री का निष्पक्ष रहने की साबुत भी बन जायगी और जनता भी आशस्वस्त हो जाएंगे। साबुतों को मिटाना, लीपापोती करना एक क्रिमिनाल को साथ देने की बराबर ही है। अतः कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को अभी इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रधानमंत्री आरटीआई पर लगाम के पक्ष में

12 अक्तू॰ 2012, 8:40 pm द्वारा news reporter प्रेषित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) यदि व्यक्ति की निजता में दखल दे, तो वहां उसे सीमिति कर दिया जाना चाहिए।

ज्ञात हो कि यह मुद्दा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं के बिल के विवरण मांगे जाने के बाद तेजी के साथ उठा है।

सूचना आयुक्तों के वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने यहां कहा कि नागरिकों के सूचना के अधिकार को उस सूरत में निश्चिततौर पर लक्ष्मण रेखा के भीतर सीमित किया जाना चाहिए, जब सूचना सार्वजनिक करने से किसी की निजता पर अतिक्रमण हो रहा हो। "लेकिन यह लक्ष्मण रेखा कहां खीची जानी चाहिए, यह एक जटिल प्रश्न है।"

सरकार द्वारा आरटीआई अधिनियम-2005 के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सूचना से निजता के सम्भावित अतिक्रमण को लेकर पैदा हुई चिंताओं को रेखांकित करते हुए मनमोहन ने आरटीआई और निजता के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने का भी आह्वान किया। (Source:NDTV.Com)

1-10 of 10