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अभाविप ने लगातार छठे वर्ष लहराया परचम, छात्र संघ चुनाव में

23 अग॰ 2015, 8:03 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 23 अग॰ 2015, 8:07 am अपडेट किया गया ]

 
ABVP
देहरादून, 22 अगस्त;। एमकेपी पीजी काॅलेज के छात्र संघ चुनाव में अभाविप ने क्लीन स्वीप के साथ लगातार जीत के छह साल पूरे किए। केवल एक पद पर विकास ग्रुप की प्रीति निर्विरोध चुनी गई। अध्यक्ष पद पर प्रगति रावत ने 335 वोट हासिल कर प्रतिद्वंदी नैना को 152 वोटों से हराया। मतदान में छात्राओं की रुचि कम होने के कारण इसबार केवल 21.8 फीसद मतदान ही हुआ, जबकि बीते वर्ष 24.3 फीसद मतदान हुआ था। परिणाम आने के बाद अभाविप ने ढोल की थाप पर जीत का जश्न मनाया।
एमकेपी काॅलेज में शनिवार को छात्र संघ चुनाव हुए। विभिन्न पदों के लिए कुल 17 प्रत्याशी मैदान में थे। काॅलेज में कुल 2534 छात्राओं में से 553 ने की मतदान किया। संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। एग्जक्यूटिव मेंबर के पदों पर भी अभाविप का पूरा पैनल निर्विरोध चुना गया। इसके बाद केवल चार पदों के लिए 10 बजे से एक बजे तक मतदान हुआ। तीन बजे मतगणना शुरू हुई और करीब पांच बजे परिणाम घोषित कर दिए गए। प्राचार्य डाॅ. इंदू सिंह और चुनाव अधिकारी डाॅ. ज्योत्सना ने परिणामों की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए कुल 553 मतों में 540 वैध और 13 मत अवैध रहे। उपाध्यक्ष पद पर 535 वैध और 18 अवैध, सचिव पद पर 536 वैध और 17 अवैध और विवि प्रतिनिधि पद पर 535 वैध और 18 मत अवैध पाए गए। परिणामों की घोषणा के साथ ही कॉलेज में जश्न का माहौल हो गया। विजेताओं ने जमकर डांस किया और मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष सपना ने कहा कि ये पूरे संगठन की मेहनत का फल है। उन्होंने छात्राओं को आभार जताया और नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रगति को शुभकामानाएं दीं।
इन्होंने दर्ज की जीत
पद-विजेता-वोट-प्रतिद्वंदी-वोट
अध्यक्ष-प्रगति रावत-335-नैना मौर्या-182
उपाध्यक्ष-गुलफ्शा नाज-319-रचना रौथाण-216
सचिव-मेघा जट्ट-330-डोली बर्थवाल-206
संयुक्त सचिव-प्रीति (निर्विरोध)
कोषाध्यक्ष-वैशाली यादव (निर्विरोधद्)
विवि प्रतिनिधि-सुष्मिता भंडारी-318-रिनिका नेगी-217
कार्यकारिणी सदस्यः नसरीन अंसारी, सिमरन, मीनाक्षी, सोनम, हेमा, नैना। (सभी निर्विरोध)

वृक्षारोपण मांगलगीतों के साथ

9 अग॰ 2015, 8:50 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 9 अग॰ 2015, 8:52 am अपडेट किया गया ]

samachar
मसूरी/देहरादून । पहाड़ की महिलाएं पर्यावरण और जंगलों की रक्षा के लिए एक बार फिर आगे आई हैं। ग्राम पंचायत भट्टा क्यारकुली के महिला मंगल दल ने इसी मनोकामना के साथ पौधरोपण की अपनी मुहिम शुरू कर दी है। शुक्रवार 25 जूलाई को महिलाओं ने भट्टा गांव में विभिन्न प्रजातियों के करीब तीन सौ पौधे रोपे। खास बात यह रही की महिलाओं ने पहाड़ी संस्कृति को मुहिम से जोड़ते हुए पौधरोपण के दौरान पहाड़ी मंगलगीत गाए और पर्यावरण सरंक्षण का संकल्प लिया।
महिला मंगल दल की अध्यक्ष मीना कोटाल ने कहा कि प्रदूषण से लगातार पर्यावरण का चक्र बदल रहा है। जिसके कारण प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। बताया कि यदि नियमित रूप से पौधरोपण किया जाए तो ऐसी स्थितियों से निपटा जा सकता है। महिलाओं ने रोपे गए तीन सौ पौधों की देखरेख करने का भी निर्णय लिया। कहा कि पौधों को सूखने नहीं दिया जाएगा साथ ही भविष्य में भी पौधरोपण करेंगे। बताया कि प्राकृतिक जल स्रोतों को सूखने से बचाने के लिए जंगल जरूरी हैं।
कार्यक्रम में रुकमणी थापली, दयालसिंह रावत आदि ग्रामीण मौजूद थे।संवाद सूत्र, मसूरीरू पहाड़ की महिलाएं पर्यावरण और जंगलों की रक्षा के लिए एक बार फिर आगे आई हैं। ग्राम पंचायत भट्टा क्यारकुली के महिला मंगल दल ने इसी मनोकामना के साथ पौधरोपण की अपनी मुहिम शुरू कर दी है। 1शुक्रवार को महिलाओं ने भट्टा गांव में विभिन्न प्रजातियों के करीब तीन सौ पौधे रोपे। खास बात यह रही की महिलाओं ने पहाड़ी संस्कृति को मुहिम से जोड़ते हुए पौधरोपण के दौरान पहाड़ी मंगलगीत गाए और पर्यावरण सरंक्षण का संकल्प लिया।
महिला मंगल दल की अध्यक्ष मीना कोटाल ने कहा कि प्रदूषण से लगातार पर्यावरण का चक्र बदल रहा है। जिसके कारण प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। बताया कि यदि नियमित रूप से पौधरोपण किया जाए तो ऐसी स्थितियों से निपटा जा सकता है। महिलाओं ने रोपे गए तीन सौ पौधों की देखरेख करने का भी निर्णय लिया। कहा कि पौधों को सूखने नहीं दिया जाएगा साथ ही भविष्य में भी पौधरोपण करेंगे। बताया कि प्राकृतिक जल स्रोतों को सूखने से बचाने के लिए जंगल जरूरी हैं। कार्यक्रम में रुकमणी थापली, दयालसिंह रावत आदि ग्रामीण मौजूद थे।

बेटों की चाह रखने वालों को एक बेटी ने दिया जवाब

14 फ़र॰ 2015, 6:19 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 14 फ़र॰ 2015, 6:29 am अपडेट किया गया ]

News
उत्तराखंड। बेटों की चाह रखने वाले माता-पिताओं को देहरादून की बेटी ने अपनें हौसले से करारा जवाब दिया है। संघर्षों और बाधाओं के बावजूद हार न मानने वाली कैप्टन दीपिका चमोली (सेवानिवृत्त) के जीवन का दूसरा नाम ही चुनौती रहा। पग-पग पर एक नई मुश्किल और हर मोड़ पर एक नई बाधा।
माता-पिता का अचानक छिना साया और सिर पर तीन छोटी बहनों की जिम्मेदारी। कोई और होता तो शायद हार जाता, लेकिन दीपिका ने संघर्ष की राह चुनी। वो लड़ीं, अपनी पढ़ाई जारी रखी, सेना  की मुश्किल नौकरी चुनी, छोटी बहनों को काबिल बनाया और हर मुश्किल को खुद के आगे बौना साबित कर दिया।
सचमुच दीपिका की कहानी मिसाल है, सिर्फ बेटियों के लिए नहीं, बेटों के लिए भी। दून के डीएल रोड निवासी 33 वर्षीय दीपिका के पिता बीपी चमोली सीमा सुरक्षा बल में थे। चार बहनों में दीपिका सबसे बड़ी हैं।

उत्तराखंडः 50 हजार तक का इलाज मिलेगा मुफ्त
विश्व संवाद केन्द्र उत्तराखंड। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) लांच कर दी गई। यह योजना इसी साल पहली अप्रैल से लागू होनी है। सीएम हरीश रावत ने औपचारिक तौर पर तो प्रदेश व्यापी एमएसबीवाई को लांच किया। यह केंद्र की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की तर्ज पर ही है। इसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आने वाले सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की बात कही गई है।


2015 के नए मानकों से मालामाल होंगे खिलाड़ी

14 फ़र॰ 2015, 6:12 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 14 फ़र॰ 2015, 6:26 am अपडेट किया गया ]

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उत्तराखंड। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाडि़यों के अब मालामाल होने की उम्मीद है। खेल विभाग प्रदेश की पहली खेल नीति के मानकों के अनुसार खिलाडि़यों को पुरस्कृत करने की तैयारी कर रहा है। विभाग का दावा है कि सम्मान समारोह से पहले ही पुरस्कार राशि के प्रारूप भी जारी हो जाएगा।

साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाडि़यों को 20 फरवरी को पुरस्कृत किया जाना है। खेल नीति लागू होने के बाद पुरस्कार राशि को लेकर असमंजस की स्थिति थी। असमंजस यह था कि पुरस्कार राशि 22 वर्ग में मिलेगी या फिर पुराने मानक (07 वर्ग) में। उपनिदेशक खेल अजय अग्रवाल ने पुरस्कार राशि के संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने बताया कि खेल नीति का जीओ लागू हो चुका है और दिशा-निर्देश भी जल्द लागू हो जाएंगे।

इसलिए इस साल खेल नीति के मानकों के अनुसार 22 वर्ग में पुरस्कार राशि मिलेगी। अगले साल से पुरस्कार वित्तीय वर्ष के अनुसार दिया जाएगा या फिर इसी तरह यह तय किया जाएगा। प्रतिभाग पर भी पुरस्कार - टीम एवं व्यक्तिगत इस प्रकार है। ओलंपिक- 5 लाख, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप- 1 लाख, एशियन गेम्स- 75,000, कॉमनवेल्थ, एशियन चैंपियनशिप-प्रतिभाग, एफ्रो एशियन खेल, यूथ ओलंपिक गेम्स- 50 हजार, सैफ गेम्स, यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स, यूथ एशियन गेम्स-25 हजार।

बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप रूड़की जीती

14 जन॰ 2015, 6:26 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 14 जन॰ 2015, 6:29 am अपडेट किया गया ]

Games-Sports
उत्तराखंड। कोटद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय 12वीं शहीद मुकेश बिष्ट फुटबाॅल प्रतियोगिता का फाइनल बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप रूड़की ने जीत लिया। आज खेले गये फाइनल मैच में उसने गढ़वाल राइफल को ट्राईब्रेकर में 4-3 से पराजित कर ट्राफी पर कब्जा किया।

प्रतियोगिता के समापन पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। विजेता टीम को ट्राॅफी के साथ 31 हजार का इनाम और उपविजेता टीम को 21 हजार रूपये की धनराशि दी गयी।

इस अवसर पर स्वाथ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन समिति को डेढ लाख रूपये की धनराशि दिये जाने की घोषणा भी की।

वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बनी कविता

14 जन॰ 2015, 6:09 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 14 जन॰ 2015, 6:13 am अपडेट किया गया ]

Samachar
संवाद केन्द्र उत्तराखंड। अल्मोड़ा, धौलादेवी ब्लाक की बेटी कविता ने वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पिता की प्रेरणा से यह सफलता प्राप्त करने के बाद कविता पांच फरवरी को हैदराबाद में तैनाती लेंगी। वहीं उसकी सफलता से उसके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।
भनोली तहसील के मेल्टाजोल निवासी दलीप सिंह बिष्ट सेना में ऑनरेरी कैप्टन पद से सेवानिवृत हैं। परिवार में सैन्य माहौल को देखते हुए बिष्ट की बेटी कविता ने भी सेना में भविष्य बनाने का लक्ष्य बना लिया। इंटर तक की शिक्षा दिल्ली के एपीएस आर्मी स्कूल से प्राप्त की। जबकि बीएससी की पढ़ाई दिल्ली के ही वैंकटेश्वर कॉलेज से प्राप्त की। कविता ने बचपन से ही सेना में भविष्य संवारने का संकल्प ले लिया था।
इसलिए वह शिक्षा ग्रहण करने के साथ साथ ही सेना की तैयारी भी करने लगी। कविता की लगन और मेहनत का ही नतीजा है कि उसका चयन पिछले दिनों वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के लिए हुआ है। कविता पांच फरवरी को हैदराबाद में वायु सेना में तैनाती लेंगी। कविता की उपलब्धि की खबर जब उसके पैतृक घर में रिश्तेदारों और अन्य लोगों को मिली तो वहां खुशी का माहौल पैदा हो गया। कविता की माता हेमा बिष्ट गृहणी हैं।
जबकि उनसे बड़ा एक भाई और बहन भी हैं। कविता द्वारा क्षेत्र का नाम रोशन करने पर कविता के ताऊ बिशन सिंह बिष्ट, रंजीत सिंह, प्रयाग बिष्ट, महेंद्र लटवाल, खीमपाल सिंह ने खुशी जताई है।

नौकरी के पहले ही शपथ-पत्र

27 दिस॰ 2014, 8:32 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 27 दिस॰ 2014, 8:34 am अपडेट किया गया ]

राजस्थान में बने कानून के तहत तंबाकू उत्पाद के सेवन करने वाले को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं कुछ मल्टी नेशनल कंपनियों ने भी इसे अपनी संस्था में लागू किया है।

अगर कोई व्यक्ति नौकरी के दौरान इन सब चीजों को छिपाता है और बाद में वह इनका सेवन करता हुआ पाया गया तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसका आधार होगा वह शपथ-पत्र, जो नियुक्ति के पहले उम्मीदवार को भरना होगा। देश में इस प्रयोग को मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

सीमा पर सुरक्षा दीवार मजबूत करने की जरूरत

27 दिस॰ 2014, 8:24 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 27 दिस॰ 2014, 8:28 am अपडेट किया गया ]

संवाद केन्द्र उत्तराखंड। भारत को यदि अपनी सीमाओं की रक्षा करनी है तो उसे अपनी सीमाओं पर सुरक्षा दीवार को और मजबूती प्रदान करनी होगी। चीन भारत की सीमा के पास तक सड़कों का जाल बिछाने में जुटा हुआ है तो भारत अभी सीमाओं तक सड़कें बिछाने में लगा हुआ है।

कुमाऊं में चीन सीमा की तरफ मुनस्यारी से मिलम 62 किमी, न्यू सोबला से तेदांग 42.40 किमी और गुंजी से ज्वालिंकांग 32.10 किलोमीटर तीन सड़कों का निर्माण कार्य 2008 से चल रहा है। सामरिक दृदृष्टि से महत्वपूर्ण ये सड़कें 2012 में पूरी बन जानी थी लेकिन अब तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है।

लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा ही अभी वाहनों के चलने लायक बन सका है। इस क्षेत्र में करीब तीन साल तक रहकर आए आईटीबीपी के अफसर और वर्तमान में अल्मोड़ा स्थित माउंटेन ड्राइविंग स्कूल के इंचार्ज बीएस मर्तोलिया ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र में तैनाती के दौरान मुनस्यारी-मिलम मार्ग में धापा बैंड से क्वीरीगाड़ तक करीब पांच किमी दूरी कम करके सड़क को सीधे सामने की पहाड़ी में जोड़ने सहित अन्य सुझाव दिए थे।

इस पर ग्रिफ ने भी सहमति जताई थी लेकिन आज तक इस सड़क का अलाइनमेंट नहीं बदला गया है। उन्होंने बताया कि मुनस्यारी से मिलम के लिए बनाई जा रही सड़क को धापा बैंड से क्वीरीगाड़ तक बेवजह पांच किमी बढ़ाया जा रहा है।



तंबाकू खाने वालों को छत्तीसगढ़ में नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

27 दिस॰ 2014, 8:17 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 27 दिस॰ 2014, 8:20 am अपडेट किया गया ]

तंबाकू खाने वालों को छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, जो जयपुर में भारत सरकार द्वारा आयोजित 3 दिवसीय कार्यशाला में भाग लेकर लौटे हैं। उनका कहना है कि राजस्थान ने ऐसा ही कानून बनाया है, जिसका व्यापक असर वहां देखने को मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 15 साल से कम आयु वर्ग के 28.8 फीसदी और 15 से अधिक आयु वर्ग के 53.2 फीसदी युवा तंबाकू और उससे बने उत्पादों की गिरफ्त में हैं। इसके बाबजूद राज्य में तंबाकू उत्पादों की बिक्री, उनके प्रचार-प्रसार पर अब तक कोई रोक नहीं लग सकी है। गुटखा पर 3 साल से लगा प्रतिबंध का भी कोई असर नहीं है। इसकी बिक्री उत्पाद नियमों के बावजूद धड़ल्ले से जारी है। जबकि भाजपा शासित राज्य राजस्थान ने बस एक कानून ही पारित किया है कि सरकारी नौकरी में वे ही उम्मीदवार हिस्सा ले सकते हैं, जो तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करते। डॉ. जैन का कहना है कि वे राजस्थान में बने इस नए नियम के बारे में शासन को अवगत करवाएंगे।

'नईदुनिया' को उन्होंने बताया- राजस्थान में बने इस एक्ट को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा सकता है, मैं इस पर प्रस्ताव भी तैयार कर रहा हूं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी में मैं इसे रखूंगा। गौरतलब है कि राज्य शासन ने साल 2014 में एक नोटिफिकेशन कर सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया था कि वे अपने-अपने विभागों में तंबाकू उत्पादों के सेवन को प्रतिबंधित करें, लेकिन किसी भी विभाग में इसका पालन नहीं हो रहा है। जबकि 'कोटपा एक्ट- 2003' के तहत विभाग के आला अधिकारी से लेकर शिक्षक तक को सार्वजनिक स्थानों में तंबाकू सेवन, ध्रूमपान पर कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।

इन विभागों को चाहिए पहल करें-

1- नगर निगम- तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों को प्रतिबंधित करे।

2- राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग- प्रतिबंधित गुटखा, धूम्रपान को रोके।

3- जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन- गुटखा बिक्री पर रोक लगाए।

4- फिल्म इंडस्ट्रीज- एक्टर इनके विज्ञापन न करें, फिल्मों, टीवी सिरियल में इनके इस्तेमाल पर रोक लगे।

जयगांव कालिज मे गजमम प्रभावित विद्यार्थी मोर्चा मे टुट

15 मई 2014, 7:52 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 15 मई 2014, 7:56 am अपडेट किया गया ]

gjm-to-tmc
१२ मे जयगांव कालिज के छात्र इउनियन मे एक वड़ी बदलाओ आइ है। गजमम प्रभावित विद्यार्थी मोर्चा मे टुट फुट के कारण यह सम्भव हुइ है। उस दिन विद्यार्थी मोर्चा की चार सदस्य योगेश थापा, प्रह्लाद विश्वकर्मा, निशा छेत्री,गायत्री शर्मा अपने समर्थकों के साथ तृणमूल छात्र परिषद मे योगदान कर लिया है। और भी चार सदस्य के विद्यार्थी मोर्चा के इउनियन से तृणमूल छात्र परिषद मे योगदान करने की बात चल रही है।

इन छात्र छात्रीयों ने कालचिनि के बिधान सभा सदस्य श्री उइलसन चम्प्रामारी और कालचिनि ब्लक तृणमूल कांग्रेस की सम्पादक श्री जयप्रकाश प्रसाद जी के हाथ से तृणमूल कांग्रेस के झांडा लेके तृणमूल छात्र परिषद मे योगदान किये है। छात्र छात्रायों के बातो से पता चला कि विद्यार्थी मोर्चा के इउनियन को तोड़ने मे  कालचिनि ब्लक तृणमूल कांग्रेस के नेता जयप्रकाश प्रसाद का ही मूक्ष्य भूमिका रहें है।
फटो: बाये से प्रथम सारी मे श्री जयप्रकाश प्रसाद,श्री उइलसन चम्प्रामारी और छात्र छात्रा गण  

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