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तंबाकू खाने वालों को छत्तीसगढ़ में नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

27 दिस॰ 2014, 8:17 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 27 दिस॰ 2014, 8:20 am अपडेट किया गया ]
तंबाकू खाने वालों को छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, जो जयपुर में भारत सरकार द्वारा आयोजित 3 दिवसीय कार्यशाला में भाग लेकर लौटे हैं। उनका कहना है कि राजस्थान ने ऐसा ही कानून बनाया है, जिसका व्यापक असर वहां देखने को मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 15 साल से कम आयु वर्ग के 28.8 फीसदी और 15 से अधिक आयु वर्ग के 53.2 फीसदी युवा तंबाकू और उससे बने उत्पादों की गिरफ्त में हैं। इसके बाबजूद राज्य में तंबाकू उत्पादों की बिक्री, उनके प्रचार-प्रसार पर अब तक कोई रोक नहीं लग सकी है। गुटखा पर 3 साल से लगा प्रतिबंध का भी कोई असर नहीं है। इसकी बिक्री उत्पाद नियमों के बावजूद धड़ल्ले से जारी है। जबकि भाजपा शासित राज्य राजस्थान ने बस एक कानून ही पारित किया है कि सरकारी नौकरी में वे ही उम्मीदवार हिस्सा ले सकते हैं, जो तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करते। डॉ. जैन का कहना है कि वे राजस्थान में बने इस नए नियम के बारे में शासन को अवगत करवाएंगे।

'नईदुनिया' को उन्होंने बताया- राजस्थान में बने इस एक्ट को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा सकता है, मैं इस पर प्रस्ताव भी तैयार कर रहा हूं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी में मैं इसे रखूंगा। गौरतलब है कि राज्य शासन ने साल 2014 में एक नोटिफिकेशन कर सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया था कि वे अपने-अपने विभागों में तंबाकू उत्पादों के सेवन को प्रतिबंधित करें, लेकिन किसी भी विभाग में इसका पालन नहीं हो रहा है। जबकि 'कोटपा एक्ट- 2003' के तहत विभाग के आला अधिकारी से लेकर शिक्षक तक को सार्वजनिक स्थानों में तंबाकू सेवन, ध्रूमपान पर कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।

इन विभागों को चाहिए पहल करें-

1- नगर निगम- तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों को प्रतिबंधित करे।

2- राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग- प्रतिबंधित गुटखा, धूम्रपान को रोके।

3- जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन- गुटखा बिक्री पर रोक लगाए।

4- फिल्म इंडस्ट्रीज- एक्टर इनके विज्ञापन न करें, फिल्मों, टीवी सिरियल में इनके इस्तेमाल पर रोक लगे।

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