अलीपुरद्वार जिला बीजेपी में भयंकर टूट

25 सित॰ 2017, 5:18 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 25 सित॰ 2017, 6:04 am अपडेट किया गया ]
Alipurduar Bjp
पिछले कुछ महीनों से अलीपुरद्वार जिला बीजेपी मैं अंतर्दलीय झगड़े ज्यादा ही जोर ले लिया है। जिला सभापति पैसे लेकर खुल्लम खुल्ला गोरखालैंड समर्थन कर रहे हैं इस मुद्दे पे तीव्र विरोध करते हुए जिला सभापति को निलंबित करने कि मांग पर कई वरिष्ठ नेता, कर्मकरता एवं दलीय कर्मी सब मिलाकर कुल 1000 लोग अपने अपने पदों से पदत्याग कर दिए हैं। यह लोग यह भी बताते हैं कि बीजेपी सभापति तृणमूल कांग्रेस के जिला सभापति का इशारे पर चलते हैं। यहां तक की जिला बीजेपी सभापति जिला टीएमसी सभापति के इशारे पर विस्तारक कार्यक्रम ठीक से नहींं होने दिया। इस से आने वाली पंचायत चुनाव में इस जिले में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

पिछले तीन महीनों से जिले में यह बात लेकर बहुत सरगर्मी चल रही है। बांग्ला, हिंदी ,अंग्रेजी दैनिकों में रोज इस विषय पर कुछ ना कुछ खबर प्रकाशित हो रहे हैं। इसके अलावा बहुत सारा ऑनलाइन पोर्टल में भी खबर आ रहे हैं। Facebook, Twitter एवं अन्य सोशल मीडिया पर मैं बीजेपी सभापति के खिलाफ आए दिन कुछ न कुछ लिखे जा रहे हैं। इससे जिले की जनमानस पर बीजेपी के खिलाफ प्रचार गंभीर रुप से असर कर रहा हैं। बीजेपी सभापति के कुछ नेपालियों को खुश करने की और तराई-डुवार्स के समतल में गोरखालैंड समर्थन की प्रक्रिया से जिला के अन्याय संप्रदाय जैसे कि आदिवासी, बंगाली, बिहारी, मुसलमान एवं राजवंशी संप्रदाय बीजेपी से खफा हो गए हैं।

कहां जा रहा है की जिला बीजेपी सभापति को गोरखालैंड समर्थन करने के विषय पर RSS की प्रांत प्रचारक, जिला प्रचारक एवं विभाग प्रचारक के समर्थन मिला हुआ है। नाम प्रकाश करने में अनिच्छुक  जिला के कुछ पुराने एवं वरिष्ठ  बीजेपी नेता बताएं हैं की जल्द ही जिला बीजेपी सभापति को अपसारित नहीं करने से जिला में बीजेपी की नाम और निशान मिट जाएगा।

बीजेपी के राज्य नेतृत्य या केन्द्रीय़ नेतृत्य आलिपुरदुय़ार जिला के तरफ ठिक से ध्यान नहीं देने के कारण झगड़ा बढ़ते ही जा रहा है, और लोग दल छोड़ कर अलग हो रहें है।

अलीपुरद्वार जिला BJP के नेताओं कर्मियों के अंदर सोशल मीडिया, WhatsApp पर जिला बीजेपी सभापति के खिलाफ किस तरह के बातें आदान प्रदान किया जा रहा है उसकी एक उदाहरण नीचे दिया जा रहा है।

"" पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को अप्रासंगिक बनाने के लिए बहुत सारे तत्व बीजेपी के अंदर में ही सक्रिय है। जैसे बंगाल के अलीपुरद्वार जिला बीजेपी के सभापति तराई डुआरस में खुल्लम-खुल्ला गोरखालैंड कि दलाली कर रहे है, इससे स्थानीय जनता मे सिर्फ कुछ नेपालियों को छोड़कर बाकी सभी जाति बीजेपी के खिलाफ खड़े हो गए हैं।

जनता के यह रूख देखकर जिला BJP के कई प्रवीण नेता सभापति के गोरखालैंड समर्थन के विरोध मे संवाद माध्यम में बयान देकर पदत्याग कर चुके हैं। संवाद मध्यम में प्रकाशित हुए हैं कि जनता के खिलाफ इस काम में स्थानीय RSS के कार्यकर्ताओं भी शामिल है।

BJP सर्व भारतीय सभापति श्री अमित शाह जी हाल में ही कहे हैं की देश से जातिवाद बहुत दूर तक खत्म हो गए हैं, किंतु उन्हीं के दल में एक जिला सभापति खुल्लम खुल्ला जातिवादी काम कर रहे हैं और इलाका के जनता संत्रस्त है, इस संदर्भ में शाह जी को कुछ करना चाहिए कि नहीं?""


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