ममता ने किन वजहों से नेताजी के 'सच' को खोला

19 सित॰ 2015, 8:45 am द्वारा news reporter प्रेषित   [ 19 सित॰ 2015, 8:48 am अपडेट किया गया ]
Mamta
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार के पास मौजूद नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलों को शुक्रवार को सार्वजनिक कर दिया। इन फाइलों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि नेताजी की मौत अगस्त 1945 में विमान दुर्घटना में नहीं हुई थी। वहीं, ममता का यह कदम उनके लिए राजनीतिक लाभ के रूप में सामने आया है।
टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस ) प्रमुख के इस फैसले ने मिल सकती है राजनीतिक बढ़त...
1. राज्य के बंगाली समुदाय के जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश है, क्योंकि वह राज्य की पहली सरकार है जिसने संकेत दिए हैं कि नेताजी 1945 के बाद भी जीवित थे।
2.इस कदम से ममता ने तृणमुल के पूर्व सांसद कृष्णा बोस और उनके बेटे और तृणमूल सांसद सुगाता बोस के अतिरिक्त नेताजी के परिवार के सदस्यों के साथ संबंध कायम कर लिया है, जो कि विमान हादसे के तथ्य का ही समर्थन कर रहे हैं।
3.ममता ने वाम मोर्च के घटक फॉरवर्ड ब्लॉक का भी दिल जीता है, क्योंकि इससे पहले सीपीएम नीत सरकार ने नेताजी की फाइल को कोई रुचि नहीं दिखाई थी।
4.इस कदम से ममता ने केंद्र की बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) सरकार पर फाइल को सार्वजनिक करने का दबाव बना दिया है। ममता ने सरकार से मांग की है कि यह नेताजी की फाइलों को सार्वजनिक करे।
5.ममता ने अब खुद को नेताजी और चितरंजन दास जैसे कांग्रेस नेताओं की कतार में ला खड़ा किया है, जिन्होंने गांधी और नेहरू से दूरी बना ली थी।
6.तृणमूल संभवतः इस बार अकेले विधानसभा चुनाव में खड़ी होगी। इस कदम से वह संभवतः शिक्षित मध्यमवर्गीय बंगालियों का समर्थन हासिल कर सकती हैं, जो धड़ा मौजूदा समय में उनसे छिटका हुआ है।
Source:नवभारत टाइम्स